सफर में नहीं मिलता, घर में नहीं मिलता
क्या खो गया है तुषार, तुम्हे चैन क्यों नहीं मिलता
Homesick
You can hate a place
with all your heart
and still be homesick
about it.
Joseph Mitchell
~ your heart is that place for me

Sometimes we have to fight for ourselves
Sometimes we have to fight with ourselves
Save Paper

Every night
अब तो हर रात की यही कहानी होती जा रही है
थोड़े आंसू निकलते हैं पर किताब पूरी होती जा रही है
तुम्हारी नाकामयाब रंजिशें
रंजिशे तो बहुत करते हो तुम
मुझे सलीखे सीखाने की
जाओ पहले तालीम तो लेकर आओ
मुझसे दुश्मनी निभाने की
संगत
इतना बुरा हूँ कि खुद की
संगति में ही बिगड़ रहा हूँ
टपरी
चलो आज फिर इश्क़ वाली टपरी जाया जाये
तेरे लबों से चाय की सिसकियाँ लेनी हैं मुझे
तू है
है तू दरिया , तू है महताब
तू साया , तू ही आफताब
चल राख उठा
और रगड़ माथे पर
धरती को अभी
कंपकपाना है
पसीने से बनाते
है नाम यहाँ लोग
तुझे तो आखिर
लहू बहाना है



