इश्क़ करने का अक्सर यही अंजाम होता है
के कुछ वक़्त बाद, साथी सिर्फ ज़ाम होता है
केवल मुजरिम ही नहीं बुरे दुनिया की नज़र में
हम आशिक़ो का भी नाम बहुत बदनाम होता है
तुम कहते हो की ज़िन्दगी में कुछ करो, आगे बढ़ो
बताओ, हम जैसों को मोहब्बत के सिवा और क्या काम होता है
कामयाब और मशहूर होने से यार मिल जाएगा
ऐ दुनिया तेरे यह तो इश्क़ का भी दाम होता है
हिदायत मिलती है कि ये सब छुप छुप के करो
अरे तेरे शहर में तो क़त्ल भी सरेआम होता है